*1543 चल उड़ जा हंस अमर वन में दुनिया में किसी का कोई नहीं।।

चल उड़ जा हंसा अमर वन में।
                     दुनिया में किसी का कोई नहीं।।
यह दुनिया आनी जानी है दुनिया में किसी का कोई नहीं।।

श्री राम के साथ हजारों थे जब वन में गए तब कोई नहीं।।

सीता की सखियां हजारों थी जब हरण हुआ तब कोई नहीं।।

लक्ष्मण के साथी हजारों थे, जब शक्ति लगी तब कोई नहीं।।

रावण की सेना हजारों थी जब मरण हुआ तब कोई नहीं।।

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