1493। सतगुरु में वो दिया हेला रे तुम सुनियो संत सुजान।।

सतगुरु ने वो दिया हेला रे तुम सुनियो संत सुजान।।
        और जन्म बहुतेरे होंगे, मानुष जन्म दुहेला रे।।
अरब खरब लग मायाजोडी, संग चले ना एक धेला रे।।
       तू तो कहे मैं लश्कर जोडूं, जाना तुझे अकेला रे।
यह तो मेरी चलती बरियां, सतगुरु पार पहेला रे।।
       कहे कबीर सुनो भाई साधु शब्दगुरु चित्त चेला रे।।

Comments

Popular posts from this blog

*1272. रस गगन गुफा में अजर झरै।।560।।

स्वामी रणजीत सिंह प्रवचन।।

लेकिन कैसे बुद्ध जी..कैसे अप्प दीपो भव ? But how Buddha ji .. how appo you be?