1523 सुख सागर में आए के मत जाए प्यासा।।

सुखसागर में आए के मत जाए रे हंसा प्यासा।।
    गगन मंडल में आमिरस बरसे पीले स्वासम सासा।
    धन्ना ने पिया सुदामा ने पिया और पिया रविदासा।।
ध्रुव ने पिया प्रहलादने पीया, मिट गई मन की त्रासा।।
गोपीचंद भरथरी पिया, हुआ शब्द प्रकाशा।।
     शबरीने पिया कमांली ने पिया पी गई मीराबाई खासा।।
    कहे कबीर प्रेम रस पियो थारी पूर्ण हो जाए आशा।।

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