*1478. कर जिन्दड़ी कुर्बान।। 649।।

                                  
                            649
कर जिन्दड़ी कुर्बान, साथिन म्हारी हे।
तेरो आयो हज़ारी हंसा पावना म्हारी हेली हे।।

तत्व से तुर्या तुरत मिलावना, म्हारी हेली हे। 
           हो ज्ञान घोड़े असवार साथन म्हारी।।

गगन मण्डल में बाजा बाजिया, म्हारी हेली हे।
         बिन पायल बिन रमझोल ।।

सुन्न महल में दिवला जोतिया म्हारी हेली हे।
          बिन बाती बिन तेल साथन।।

सत्तलोक में झूला झुलिया म्हारी हेली हे।
          सद्गुरु झुलावन हार साथन।।

कह कबीरा धर्मिदास से म्हारी हेली हे।
          तुम चलो शब्द की लार साथन।। 

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